– हिमांशु कुमार
दुनिया में अभी इतनी ज्यादा गर्मी नहीं हुई है कि इंसान धूप से जल कर मर जाएं।
एक अंदाज के मुताबिक अभी 10 साल लगेंगे इस हालत में पहुंचने में।

आप सोच रहे होंगे मैंने गलती से 10 साल लिख दिए हैं। आप गूगल पर सर्च कर लीजिए। नॉर्थ पोल के ग्लेशियर पिघलने में 10 साल लगेंगे। नॉर्थ पोल हमारी दुनिया के फ्रिजर जैसा है।
जैसे आप का फ़्रिज़र पूरे फ़्रिज़ को ठंडा रखता है वैसे ही उत्तरी ध्रुव की बर्फ पूरी दुनिया को ठंडा रखती है। 2030 तक पुराने सारे ग्लेशियर पिघल जाने का अल्टीमेटम है।
जिस तेजी से दुनिया में पेड़ कट रहे हैं इसे और कम समय में लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है यानी हम और जल्दी ग्लेशियर खत्म कर सकते हैं।
दुनिया की बात छोड़िए आप के भारत में ही बिल्कुल बीचो-बीच छत्तीसगढ़ में लाखों पेड़ अडानी ने काट दिए।
जंगलों की हिफाज़त करने वाले आदिवासियों को बचाने और जंगलों को काटने और मुनाफ़ा कमाने वाले पूंजीपतियों को रोकने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाला जा रहा है।
आपकी मौत की तैयारी आपकी ही सरकार और आपकी ही पुलिस के साथ मिलकर मुनाफाखोर अमीर कर रहे हैं।
आप इन अमीरों को बहुत अच्छा समझते हैं और हम जैसे लोगों को विकास का दुश्मन देश का दुश्मन मानते हैं।
हालांकि जब क्लाइमेट चेंज या ग्लोबल वार्मिंग होगी। भयानक गर्मी पड़ेगी, चिड़िया मर जाएंगी, पानी सूख जाएगा, जानवर पटपट करके गिर जाएंगे, फसल नहीं होगी, घर से बाहर नहीं निकल पाएंगे, एसी काम करना बंद कर देंगे, करोड़ों लोग मारे जाएंगे, तब यह अमीर पूंजीपति भी काम धंधे बंद करके यूरोप और ठंडे इलाकों में चले जाएंगे।
तब आपको हम याद आएंगे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी होगी। शायद जेलों में तब तक हम लोग भी मारे जा चुके होंगे।
