संस्कृति स्कूल ने प्रसिद्ध लेखक, प्रेरक वक्ता एवं पेरेंटिंग मार्गदर्शक डॉ. बलवीर तलवार के नेतृत्व में एक समृद्ध और ज्ञानवर्धक पेरेंटिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला में अभिभावकों की अत्यंत उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली और सभागार पूरी तरह भरा रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा मंत्रोच्चार एवं संस्कृति स्कूल गीत के मधुर गायन से हुई, जिसके माध्यम से उन्होंने अभिभावकों एवं मुख्य वक्ता का स्नेहपूर्ण स्वागत किया।
डॉ. तलवार ने प्राचीन एवं वैदिक ज्ञान को आधुनिक पेरेंटिंग चुनौतियों से जोड़ते हुए पालन-पोषण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। भावनात्मक स्थिरता, संतुलित अनुशासन, स्नेहपूर्ण परंतु सजग लाड़-प्यार तथा मूल्य आधारित परवरिश पर उनके विचारों ने विशेष रूप से नव-अभिभावकों को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें अत्यंत उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता सहगल ने कार्यशाला की संवादात्मक और प्रभावशाली प्रकृति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यालय और अभिभावकों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करते हैं तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।
निदेशिका श्रीमती दिव्या पंजवानी ने डॉ. तलवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृति स्कूल बच्चों और अभिभावकों के हित में सार्थक एवं मूल्यपरक पहलें निरंतर करता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय कक्षा के बाहर भी ऐसे सीखने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो मूल्यों, भावनात्मक संतुलन और सचेत पेरेंटिंग को बढ़ावा देते हैं।
यह कार्यशाला अभिभावकों की सजग भागीदारी, सार्थक संवाद और संस्कारयुक्त, संतुलित तथा आत्मविश्वासी बच्चों के निर्माण के साझा संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। संस्कृति स्कूल भविष्य में भी ऐसी प्रेरणादायी गतिविधियों के आयोजन की दिशा में अग्रसर रहेगा।
