कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने बेलनी में प्रस्तावित 85.68 मीटर लंबे नए मोटर सेतु के निर्माण को लेकर प्रभावितों एवं व्यापारियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक
जनपद रुद्रप्रयाग में राष्ट्रीय राजमार्ग-107 (पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग-109) पर बेलनी में पुराने स्टील सेतु के स्थान पर प्रस्तावित 85.68 मीटर लंबे नए मोटर सेतु के निर्माण को लेकर मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मा० कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की। बैठक में सेतु निर्माण से प्रभावित होने वाले भवन स्वामियों, स्थानीय व्यापारियों एवं अन्य संबंधित लोगों की समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत एनएच-107 (पुराना एनएच-109) के किमी 1.00 बेलनी में 60 वर्ष पुराने स्टील सेतु के स्थान पर एप्रोच सहित 85.68 मीटर स्पैन के नए सेतु का निर्माण प्रस्तावित है। प्रस्तावित सेतु की लंबाई 85.68 मीटर है तथा यह पुराने सेतु के अपस्ट्रीम साइड में निर्मित किया जाएगा। कार्य के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्य की स्वीकृत लागत लगभग 33.05 करोड़ रुपये है।
मा० कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के विकास एवं चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दृष्टि से नए सेतु का निर्माण महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित होने वाले लोगों एवं स्थानीय व्यापारियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित व्यक्तियों को नियमानुसार मुआवजा एवं पुनर्स्थापना की कार्रवाई पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
उन्होंने प्रस्तावित मुआवजा एवं प्रभावित परिसंपत्तियों के आकलन को पुनः परीक्षण/पुनर्मूल्यांकन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, ताकि प्रभावितों को नियमानुसार उचित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के कारण किसी भी व्यक्ति की आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में स्थानीय व्यापारियों ने सेतु निर्माण के दौरान उनकी दुकानों एवं व्यवसाय पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की जानकारी कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखी। व्यापारियों ने कहा कि निर्माण अवधि के दौरान यदि वर्तमान व्यवसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित होते हैं तो उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो सकता है।
इस पर कैबिनेट मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित दुकानदारों के लिए अस्थायी रूप से व्यापार संचालन हेतु उपयुक्त स्थान चिह्नित किया जाए। उन्होंने व्यापारियों के लिए अस्थायी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स/दुकानों के निर्माण के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा, ताकि सेतु निर्माण के दौरान व्यापारी अस्थायी आधार पर अपना व्यवसाय संचालित कर सकें और उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेतु निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व प्रभावित लोगों एवं व्यापारियों से समन्वय स्थापित करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों एवं व्यापारियों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में अधिकारियों ने सेतु निर्माण की प्रस्तावित कार्ययोजना, प्रभावित परिसंपत्तियों, मुआवजा प्रक्रिया, पुनर्स्थापना तथा निर्माण अवधि के दौरान यातायात एवं व्यापारिक गतिविधियों के संचालन से संबंधित बिंदुओं की जानकारी दी। स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखे, जिन पर संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बेलनी सेतु का निर्माण क्षेत्र की दीर्घकालिक यातायात एवं कनेक्टिविटी आवश्यकताओं को देखते हुए महत्वपूर्ण परियोजना है। नए सेतु के निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही स्थानीय लोगों एवं यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।
बैठक में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी सहित संबंधित अधिकारी, प्रभावित क्षेत्र के लोग एवं स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे।
