हरिद्वार। संस्कृति स्कूल में सर्दी की ठिठुरन को दूर भगाने के लिए प्री-नर्सरी से सीनियर केजी तक के नन्हे संस्कृतिवासियों ने ऊर्जावान ज़ुम्बा सत्र के साथ बीच वाइब्स को जीवंत कर दिया।

शनिवार – नो बुक्स डे के अवसर पर विद्यालय परिसर संगीत, हँसी और उल्लासपूर्ण गतिविधियों से गूंज उठा। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न मनोरंजक मोटर गतिविधियों में भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना, बच्चों के मन को तरोताज़ा रखना और नियमित कक्षा शिक्षण से हटकर एक सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर निदेशिका श्रीमती दिव्या पंजवानी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आनंद और गतिविधि के माध्यम से सीखना बच्चों में आत्मविश्वास, खुशी और संतुलित व्यक्तित्व के विकास में सहायक होता है तथा इससे विद्यालय बच्चों के लिए एक आनंददायक और प्रेरणादायक स्थान बनता है।
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता सहगल ने कहा कि इस प्रकार की रोचक गतिविधियाँ सकारात्मक सीखने का वातावरण तैयार करती हैं, शिक्षक–छात्र संबंधों को मजबूत करती हैं और बच्चों को सीखने की प्रक्रिया का आनंद लेते हुए स्वयं को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने का अवसर देती हैं।
यह सत्र विद्यार्थियों और शिक्षकों—दोनों के लिए उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहा, जिसने इस दिन को गतिविधि, संगीत और मुस्कानों से भरा एक यादगार अनुभव बना दिया।
