डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क, पांच अस्पतालों में एलाइजा जांच एवं 16 डेडिकेटेड बेड की व्यवस्था
जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा के निर्देशों के क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग का स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। मानसून के दौरान डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। विभाग ने जनपदभर में सोर्स रिडक्शन अभियान प्रारंभ कर दिया है, जिसके तहत मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने, जलभराव वाले स्थानों की पहचान करने तथा लोगों को जागरूक करने का कार्य लगातार किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि डेंगू की समय पर पहचान एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग सहित सीएचसी अगस्त्यमुनि, सीएचसी जखोली, पीएचसी ऊखीमठ सहित कुल पांच अस्पतालों में एलाइजा जांच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आवश्यक दवाओं, जांच किटों और चिकित्सा उपकरणों से पर्याप्त रूप से सुसज्जित रखा गया है,
उन्होंने बताया कि डेंगू के संभावित मरीजों के उपचार के लिए जनपद में 16 डेडिकेटेड बेड आरक्षित किए गए हैं। सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा चिकित्सा कर्मियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है।
डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि वर्तमान समय तक जनपद में डेंगू का एक भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ लगातार निगरानी बनाए हुए है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टायर, गमलों एवं अन्य पात्रों की नियमित सफाई करें तथा पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
